प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana – PMDDKY): भारत के 100 कृषि जिलों के लिए क्रांतिकारी मिशन

भारतीय किसान और महिला खेत में खड़े, पीएम धन-धान्य कृषि योजना 2026 के तहत उन्नत बीज, सिंचाई, कोल्ड स्टोरेज और Kisan Credit Card सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करती डिजिटल इमेज
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY 2026) – 100 लक्षित जिलों में किसानों के लिए उन्नत बीज, सिंचाई, और वित्तीय सहायता

भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को अधिक मुनाफ़े, उत्पादकता, और सतत विकास की दिशा में ले जाने के लिए सरकार ने एक नवीन पहल — प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) — शुरू की है। यह योजना विशेष रूप से कम प्रदर्शन वाले 100 कृषि जिलों (aspirational agri-districts) को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसका लक्ष्य किसानों की आमदनी बढ़ाना, कृषि उत्पादन में सुधार लाना और कृषि-संबंधी बुनियादी ढांचा को मजबूत करना है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेगे कि PMDDKY क्या है, इसके प्रमुख उद्देश्य, लाभ, कार्यान्वयन संरचना, 2026 में ताज़ा अपडेट्स, और इससे संबंधित फायदे और चुनौतियाँ क्या हैं।


Table of Contents

1. PMDDKY क्या है? – योजना का परिचय

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana) भारत सरकार की एक व्यापक कृषि योजना है, जिसे वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित किया गया और जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा औपचारिक मंज़ूरी दी गई। इसका उद्देश्य है 100 ऐसे जिलों में कृषि क्षेत्र का व्यापक सुधार करना जहां पर उपलब्ध संसाधन, उत्पादन, सिंचाई और क्रेडिट की कमी पायी जाती है।

यह योजना NITI Aayog के Aspirational District Programme की तर्ज पर आधारित है, लेकिन इसका फोकस विशेष रूप से कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर है। इसका मानना है कि कृषि-समृद्धि के बिना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत नहीं किया जा सकता।


2. योजना का बजट और अवधि

PMDDKY का कुल बजट लगभग ₹1.44 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है, जिसे छह वर्ष (2025-26 से 2030-31) में विभाजित किया गया है। हर वर्ष के लिए लगभग ₹24,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

यह खर्च कृषि संबंधित गतिविधियों जैसे सिंचाई सुविधाएँ, भंडारण संरचनाएँ, उन्नत बीज, डिजिटल तकनीक, ऋण सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए उपयोग किया जाएगा।


3. मुख्य उद्देश्य – PMDDKY के लक्ष्य

PMDDKY के अंदर कई स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं, जिन पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है:

🔹 उत्पादकता (Productivity) में वृद्धि

कृषि उत्पादन को बढ़ाना ताकि फसल की औसत पैदावार राष्ट्रीय औसत से ऊपर ले जाया जा सके। नई तकनीकों, बेहतर बीज, और प्रगतिशील कृषि पद्धतियों के माध्यम से लक्ष्य है कि उत्पादन 20-30% तक बढ़े।

🔹 फसल विविधीकरण (Crop Diversification)

किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा उच्च मूल्य वाली फसलें, दलहन, तिलहन, बागवानी, और ऐलाइड सेक्टर (जैसे पोल्ट्री, मत्स्य पालन, डेयरी) अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।

🔹 सिंचाई और जल संरक्षण (Irrigation & Water Use Efficiency)

हर खेत में सिंचाई की उपलब्धता सुनिश्चित करना और “हर बूंद का अधिक उपयोग (More Crop Per Drop)” सुनिश्चित करना। इसके लिए ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम की सब्सिडी और समर्थन दिया जाएगा।

🔹 भंडारण और मूल्य संवर्धन (Post-Harvest Storage & Value Addition)

किसानों को पंचायती और ब्लॉक स्तर के स्टोरेज, कूल्ड चेन व मूल्य-संवर्धन सुविधाएँ उपलब्ध कराना ताकि फसल After Harvest Losses कम हों।

🔹 क्रेडिट सुगमता (Credit Access)

ग्रामीन और छोटे किसानों के लिए कर्ज़ (जैसे Kisan Credit Card – KCC) को आसान और सस्ता बनाना। इसके तहत ग्रामीण क्रेडिट स्कोर (Grameen Credit Score) जैसी नई पहल से कर्ज़ लेने की प्रक्रिया सरल होगी।

🔹 टेक्नोलॉजी और डिजिटल मोनिटरिंग

यह योजना 117 Key Performance Indicators (KPIs) के तहत डिजिटल डैशबोर्ड के ज़रिये ट्रैक और मॉनिटर होगी, ताकि प्रत्येक जिले की प्रगति को समय-समय पर मापा जा सके।


4. PMDDKY की संरचना – कैसे लागू होगी योजना?

✳️ राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय निगरानी

एक National Steering Committee और राज्य-स्तर पर State Nodal Committees का गठन किया गया है, जो योजना के लक्ष्यों को सुनिश्चित करेंगे।

✳️ जिला-स्तरीय कार्य योजना – District Dhan Dhaanya Samiti

हर चयनित जिले में District Dhan Dhaanya Samiti बनाया जाता है, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं। इसमें कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान, और सरकारी अधिकारी शामिल रहते हैं। ये समितियाँ District Agriculture and Allied Activities Plan (DAAAP) तैयार करती हैं, जो स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप होती हैं।

✳️ 36 योजनाओं का समन्वय – Convergence Model

PMDDKY नए कार्यक्रम बनाने के बजाय 36 मौजूदा कृषि योजनाओं को एकीकृत करता है, जैसे:

✔️ PM-Kisan Samman Nidhi
✔️ Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
✔️ Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana
✔️ Rashtriya Krishi Vikas Yojana

इस समन्वय से योजनाओं का समग्र प्रभाव (synergy) बढ़ता है और लागत-लाभ अनुपात कुशल होता है।


5. 100 चयनित जिलों का चयन कैसे होता है?

PMDDKY का विशिष्ट फोकस है उन जिलों पर जहाँ कृषि में विकास की अधिक संभावनाएँ हैं, लेकिन संसाधनों की कमी है। चयन निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर किया जाता है:

📌 कृषि उत्पादकता निचली

जैसे गेहूं, धान की औसत पैदावार राष्ट्रीय औसत से कम हो।

📌 फसल चक्र कम

कम क्रॉपिंग इंटेंसिटी (कम से कम 1.55 क्रॉप साइकिल) वाले जिले।

📌 क्रेडिट प्रवाह कम

KCC और बैंक ऋण किसानों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुँच रहे हों।

इन 100 जिलों में प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश से कम से कम एक जिला शामिल है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर समान प्रतिनिधित्व हो।


6. किसानों के लिए लाभ – PMDDKY से क्या-क्या मिलेगा?

PMDDKY किसानों को बहुस्तरीय लाभ प्रदान करता है:

🌱 उन्नत बीज और इनपुट सब्सिडी

जलवायु-रोधी और उच्च-उपज (High-Yielding) बीज, उर्वरक और कृषि इनपुट पर सब्सिडी दी जाएगी। इससे फ़सल पैदावार बेहतर होती है।

💧 सिंचाई सुविधाएँ

ड्रिप/स्प्रिंकलर, नलकूप, ट्यूबवेल आदि में सब्सिडी मिलने से जल उपयोग और फसल वृद्धि दोनों में सुधार होगा।

🏭 भंडारण और Value Addition

कोल्ड स्टोरेज, पंचायती स्तर के गोदाम, और परिवहन सुविधा से Post-Harvest Loss कम होंगे और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।

🪙 कर्ज़ और वित्तीय सहायता

कम ब्याज दर पर KCC, लघु और दीर्घकालिक ऋण, साथ ही ग्रामीण क्रेडिट स्कोर के आधार पर आसान ऋण स्वीकृति।

🧑‍🌾 प्रशिक्षण और Capacity Building

नए कृषि तरीकों, प्रौद्योगिकियों, डिजिटल उपकरणों, और मार्केटिंग की जानकारी के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम।

👩‍🌾 विशेष समर्थन – महिला और युवा किसान

महिला किसान समूहों को विशेष प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बाज़ार पहुँच प्रदान की जाएगी। युवा किसानों को agri-entrepreneurship में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


7. योजना के संभावित आर्थिक प्रभाव

PMDDKY का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि इससे निम्नलिखित दीर्घकालिक प्रभाव भी जुड़े हैं:

📊 किसान आय में वृद्धि

उत्पादन बढ़ने, बाजार उपलब्धता और मूल्य संवर्धन से किसानों की आय 20-40% तक बढ़ सकती है

🌾 खाद्य सुरक्षा का सशक्त स्वरूप

उच्च उपज और विविध फसलों के कारण भारत के खाद्य भंडार मजबूत होंगे।

💼 ग्रामीण रोजगार

आधुनिक कृषि और संबद्ध उद्योगों से नए रोजगार अवसर उत्पन्न होंगे।

💦 जल उपयोग में सुधार

ड्रिप/स्प्रिंकलर जैसे इनपुटों से 30-50% तक जल बचत संभव है।

ये लक्ष्य सरकार द्वारा योजना के डिज़ाइन में निर्धारित किए गए हैं, जिससे कृषि को भविष्य-उन्मुख बनाया जा सके।


8. ताज़ा अपडेट्स (फरवरी 2026 के अनुसार)

हाल के महीनों में निम्नलिखित नए developments सामने आए हैं:

✅ District Action Plans तैयार

दिस्ट्रिक्ट धन-धान्य समितियों ने Localized Crop Plans को अंतिम रूप दिया है, जिससे स्थानीय कृषि गतिविधियों पर ज़्यादा नियंत्रण मिलेगा।

✅ Seed Revolution

जलवायु-अनुकूल और उच्च-उपज बीज पर भारी सब्सिडी के साथ Seed Revolution को बढ़ावा मिला है।

✅ Digital Monitoring

117 KPIs वाले डिजिटल डैशबोर्ड से प्रतिदिन प्रगति की निगरानी जारी है।

✅ आसान Credit Access

ग्रामीण क्रेडिट स्कोर की शुरुआत से छोटे और सीमांत किसानों को कर्ज़ की पहुँच में सुधार हुआ है।

इन अपडेट्स से योजना को 2026 में और गति मिली है और किसानों को त्वरित लाभ मिलना शुरू हुआ है।


9. आवेदन प्रक्रिया – कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

हालांकि PMDDKY के लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और एप्लिकेशन प्रोसेसिंग अब भी जारी है, अनुमानित प्रक्रिया कुछ इस प्रकार हो सकती है:

✅ जिला समिति, कृषि विभाग या KVK से सीधे आवेदन
✅ ऑनलाइन पोर्टल/मोबाइल ऐप से आवेदन
✅ Common Service Centres (CSCs) से सहायता
✅ आवश्यक दस्तावेज़: Aadhaar, खेत/land records, बैंक विवरण आदि

किसान अपना आवेदन जमा करने के पश्चात सत्यापन के बाद योजना के लाभ प्राप्त कर सकेंगे।


10. चुनौतियाँ और संभावित समाधान

योजना के बावजूद कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं:

⚠️ Awareness Gap

कई ग्रामीण इलाकों में किसानों को योजना के बारे में Awareness कम है।

समाधान: Gram Panchayat, KVK, और खेतकारी Workers के माध्यम से जागरूकता अभियान।

⚠️ डिजिटल साक्षरता

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कठिन हो सकती है।

समाधान: CSCs और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के ज़रिये सहायता।

⚠️ Implementation at Grassroots

स्थानीय स्तर पर योजना का असरदार क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।

समाधान: District Samitis और Local NGOs के साथ सहयोग।


निष्कर्ष

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) एक ऐतिहासिक और व्यापक खेती सुधार मिशन है, जिसका लक्ष्य भारत के 100 पिछड़े कृषि जिलों को कृषि-मॉडल में बदलना है। इससे न केवल किसानों की आय और उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। यह योजना आधुनिक तकनीक, सब्सिडी, कर्ज़ सहायता, डिजिटल मॉनिटरिंग और संदर्भ-अनुकूल जिला योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र को भविष्य-दृष्टि वाली दिशा देती है।

यदि आप किसान हैं या कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं, तो PMDDKY आपके लिए एक सुनहरा अवसर है – बेहतर खेती, अधिक आमदनी, और सतत् कृषि के लिए।

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