
भारत में Nipah Virus (NiV) को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ी है, खासकर पश्चिम बंगाल के बरासात (North 24 Parganas) क्षेत्र में सामने आए मामलों के बाद। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन यह वायरस अपनी गंभीरता के कारण अभी भी चर्चा में है।
इस लेख में हम आपको 2026 के ताज़ा अपडेट, लक्षण (Symptoms), संक्रमण का तरीका (Transmission), इलाज (Treatment), मृत्यु दर (Fatality Rate), भारत में पिछले मामलों का इतिहास, और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताएंगे — आसान हिंदी में, ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सकें।
🏥 2026 बरासात (West Bengal) Nipah Virus क्लस्टर – क्या हुआ?
जनवरी–फरवरी 2026 में पश्चिम बंगाल के बरासात क्षेत्र में एक निजी अस्पताल से जुड़े दो हेल्थकेयर वर्कर्स (नर्स) में Nipah Virus संक्रमण की पुष्टि हुई।
🔹 प्रमुख तथ्य:
- दोनों नर्सों की उम्र 20–30 वर्ष के बीच थी।
- संक्रमण संभवतः दिसंबर 2025 के अंत में हुआ।
- 12 फरवरी 2026 को एक महिला नर्स की मृत्यु secondary lung infection और respiratory distress के कारण हो गई।
- पुरुष नर्स इलाज के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए।
- प्रशासन ने 190 से अधिक लोगों की contact tracing और testing की।
- सभी संपर्कों की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जिससे संकेत मिलता है कि संक्रमण एक सीमित क्लस्टर तक ही रहा।
स्वास्थ्य विभाग और निगरानी टीमों की सक्रियता से इस बार बड़े स्तर पर फैलाव (Outbreak) नहीं हुआ।
🦠 Nipah Virus क्या है?
Nipah Virus एक zoonotic virus है, जिसका अर्थ है कि यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह मुख्य रूप से Fruit Bats (Flying Foxes) के जरिए फैलता है।
यह वायरस पहली बार 1998 में मलेशिया में सामने आया था और बाद में भारत और बांग्लादेश में भी इसके मामले मिले।
भारत में सबसे अधिक मामले केरल और पश्चिम बंगाल में रिपोर्ट हुए हैं।
🌡️ Nipah Virus Symptoms (लक्षण) – शुरुआत से गंभीर अवस्था तक
Nipah Virus खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल फीवर जैसे होते हैं, जिससे पहचान में देरी हो सकती है।
1️⃣ शुरुआती लक्षण (Early Stage: 3–14 दिन)
- तेज बुखार (High Fever)
- सिरदर्द (Severe Headache)
- मांसपेशियों में दर्द (Myalgia)
- गले में खराश
- खांसी
- उल्टी
- अत्यधिक थकान
इन लक्षणों को लोग अक्सर Flu या Viral Fever समझ लेते हैं।
2️⃣ गंभीर लक्षण (Severe Stage)
अगर समय पर इलाज न मिले तो वायरस दो प्रमुख अंगों पर हमला करता है:
🫁 A. Respiratory System पर असर
- सांस लेने में कठिनाई
- Acute Respiratory Distress
- फेफड़ों में संक्रमण
🧠 B. Brain Infection (Encephalitis)
- अत्यधिक नींद आना (Drowsiness)
- मानसिक भ्रम (Disorientation)
- दौरे पड़ना (Seizures)
- 24–48 घंटे में कोमा की स्थिति
गंभीर मामलों में मृत्यु दर (Fatality Rate) 40% से 75% तक हो सकती है।
⏳ Incubation Period कितना होता है?
Nipah Virus का incubation period आमतौर पर 4 से 14 दिन का होता है। कुछ मामलों में यह 21 दिन तक भी हो सकता है।
इसलिए संदिग्ध संपर्क के बाद 21 दिन तक निगरानी जरूरी मानी जाती है।
🛡️ Nipah Virus कैसे फैलता है? (Transmission)
1️⃣ Fruit Bats से संक्रमण
- कच्चा खजूर का रस (Raw Date Palm Sap / Khejur Ras / Tadi)
- चमगादड़ द्वारा काटे गए फल
- जमीन पर गिरे हुए फल
2️⃣ इंसान से इंसान
- संक्रमित व्यक्ति की लार (Saliva)
- खून (Blood)
- पेशाब (Urine)
- Respiratory Droplets
इसी कारण हेल्थकेयर वर्कर्स को अधिक खतरा होता है।
🧪 Nipah Virus की जांच कैसे होती है?
डॉक्टर निम्न टेस्ट करवाते हैं:
- RT-PCR Test
- Blood Sample Analysis
- Throat Swab
- Cerebrospinal Fluid Test (यदि encephalitis का शक हो)
भारत में ICMR और NIV (National Institute of Virology, Pune) जैसे संस्थान पुष्टि करते हैं।
💊 Nipah Virus का इलाज (Treatment)
अब तक Nipah Virus के लिए कोई specific antiviral drug या vaccine पूरी तरह स्वीकृत नहीं है।
इलाज मुख्य रूप से supportive care पर आधारित होता है:
- ICU में निगरानी
- Oxygen Support
- Ventilator Support (जरूरत पड़ने पर)
- Fluids और Electrolytes
- Secondary infection का इलाज
कुछ देशों में Monoclonal Antibody therapy पर रिसर्च जारी है।
📊 भारत में Nipah Virus का इतिहास
भारत में Nipah Virus के मामले:
- 2001 – पश्चिम बंगाल (Siliguri)
- 2007 – Nadia, West Bengal
- 2018 – केरल (Major Outbreak)
- 2021, 2023 – केरल में सीमित मामले
- 2026 – बरासात क्लस्टर
हर बार तेज contact tracing और isolation के जरिए संक्रमण को रोका गया।
🚨 किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
- Healthcare Workers
- संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्य
- खजूर के कच्चे रस का सेवन करने वाले
- फल बागानों में काम करने वाले
✅ Nipah Virus से बचाव के उपाय
1️⃣ कच्चा खजूर का रस न पिएं
यदि पीना हो तो पहले उबाल लें।
2️⃣ कटे या चमगादड़ द्वारा खाए गए फल न खाएं
3️⃣ हाथों की सफाई
- साबुन से नियमित हाथ धोएं
- Sanitizer का उपयोग करें
4️⃣ PPE का इस्तेमाल
- मरीज की देखभाल करते समय Mask और Gloves पहनें।
5️⃣ संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
🏥 सरकार और WHO की वर्तमान स्थिति
स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO के अनुसार:
- फिलहाल बड़े स्तर पर Outbreak का खतरा कम है।
- बरासात क्लस्टर को नियंत्रित कर लिया गया है।
- नए मामलों की रिपोर्ट नहीं मिली है।
- निगरानी और Surveillance जारी है।
❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. क्या Nipah Virus हवा से फैलता है?
नहीं, यह सामान्य हवा से नहीं फैलता। यह close contact से फैलता है।
Q2. क्या इसका टीका (Vaccine) उपलब्ध है?
अभी तक आम जनता के लिए कोई स्वीकृत Vaccine उपलब्ध नहीं है।
Q3. क्या यह COVID-19 जैसा है?
नहीं। दोनों अलग वायरस हैं। Nipah अधिक घातक हो सकता है लेकिन कम तेजी से फैलता है।
🔎 निष्कर्ष (Conclusion)
Nipah Virus एक गंभीर लेकिन नियंत्रित किया जा सकने वाला संक्रमण है। बरासात 2026 क्लस्टर ने यह दिखाया कि समय पर testing, isolation और contact tracing से बड़े प्रकोप को रोका जा सकता है।
घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन जागरूक रहना बहुत जरूरी है।
- कच्चा खजूर का रस न पिएं
- कटे हुए फल न खाएं
- लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाएं
सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अगर आप हेल्थ और अपडेटेड जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो ऐसे विश्वसनीय स्रोतों पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।







