Wipro का नया फैसला 2026: कर्मचारियों को अब ऑफिस में बिताने होंगे कम से कम 6 घंटे — जानिए नई पॉलिसी की पूरी डिटेल्स

Wipro का नया फैसला 2026: कर्मचारियों को अब ऑफिस में बिताने होंगे कम से कम 6 घंटे — जानिए नई पॉलिसी की पूरी डिटेल्स
Wipro का नया फैसला 2026: कर्मचारियों को अब ऑफिस में बिताने होंगे कम से कम 6 घंटे — जानिए नई पॉलिसी की पूरी डिटेल्स

भारतीय आईटी सेक्टर (Indian IT Sector) की दिग्गज कंपनी Wipro ने नए साल 2026 की शुरुआत एक बड़े बदलाव के साथ की है। 1 जनवरी 2026 से, विप्रो ने अपनी “Hybrid Work Policy” में सख्त बदलाव किए हैं, जिसका सीधा असर कंपनी के लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा।

अगर आप आईटी सेक्टर में काम करते हैं या Wipro के कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कंपनी ने अब “Work from Office” के नियमों को कड़ा कर दिया है, जिसके तहत कर्मचारियों को ऑफिस में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी अनिवार्य होगी।

इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि Wipro New Work Policy 2026 क्या है, 6 घंटे का नियम (6-hour rule) कैसे काम करेगा, और अगर कोई कर्मचारी इसका पालन नहीं करता है तो उसकी सैलरी या छुट्टियों पर क्या असर पड़ेगा।


1. Wipro New Policy 2026: क्या है नया नियम?

विप्रो ने अपने कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि उन्हें अब केवल ऑफिस आना ही काफी नहीं होगा, बल्कि वहां एक निश्चित समय बिताना भी अनिवार्य है।

मुख्य बदलाव (Key Highlights):

  • प्रभावी तिथि (Effective Date): 1 जनवरी 2026
  • न्यूनतम ऑफिस समय (Minimum Office Hours): 6 घंटे प्रतिदिन (In-Office).
  • सप्ताह में कितने दिन: हफ्ते में कम से कम 3 दिन ऑफिस आना अनिवार्य है।
  • कुल काम के घंटे (Total Working Hours): 9.5 घंटे (बाकी समय आप घर से काम कर सकते हैं)।

यह नियम विप्रो के भारत में स्थित सभी ऑफिसेज (Bengaluru, Hyderabad, Pune, Gurugram, etc.) के लिए लागू किया गया है। इसका मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी ऑफिस आता है और 2-3 घंटे रुककर वापस चला जाता है, तो उसे अब “Present” नहीं माना जाएगा.


2. ‘6 घंटे’ का नियम वास्तव में कैसे काम करेगा?

बहुत से कर्मचारियों के मन में यह सवाल है कि क्या उन्हें अब सिर्फ 6 घंटे काम करना है? इसका जवाब है—नहीं

विप्रो की स्टैंडर्ड शिफ्ट अभी भी 9.5 घंटे की है। नई पॉलिसी के मुताबिक, आपको इन 9.5 घंटों में से कम से कम 6 घंटे ऑफिस के अंदर (Physical Presence) बिताने होंगे।

उदाहरण से समझें (Example Scenario):

मान लीजिए आपकी शिफ्ट सुबह 10:00 बजे शुरू होती है।

  1. Office Entry: आप सुबह 10:00 बजे ऑफिस पहुंचते हैं और पंच-इन (Punch-in) करते हैं।
  2. Mandatory Stay: आपको कम से कम शाम 4:00 बजे तक ऑफिस में रहना होगा (6 घंटे पूरे करने के लिए)।
  3. Punch-out: शाम 4:00 बजे आप ऑफिस से निकल सकते हैं।
  4. Remaining Work: बाकी के 3.5 घंटे का काम आप घर जाकर (Work From Home) पूरा कर सकते हैं.

यह “Hybrid Model” का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां कंपनी ऑफिस में सहयोग (Collaboration) चाहती है लेकिन कर्मचारियों को शाम को ट्रैफिक से बचने के लिए जल्दी निकलने की भी छूट दे रही है।


3. नियम तोड़ने पर क्या सजा मिलेगी? (Consequences of Non-Compliance)

विप्रो ने इस बार नियमों को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसके साथ सख्त कार्यवाही (Strict Actions) भी जोड़ दी है। अगर कोई कर्मचारी हफ्ते में 3 दिन और हर दिन 6 घंटे का नियम नहीं मानता है, तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।

1. छुट्टियों की कटौती (Leave Deduction)

अगर आप किसी दिन ऑफिस आते हैं लेकिन 6 घंटे से कम समय बिताते हैं (जैसे 4 या 5 घंटे), तो सिस्टम इसे “Full Day Present” नहीं मानेगा। उस दिन के लिए आपके लीव बैलेंस (Leave Balance) से आधे दिन की छुट्टी (Half-day leave) काट ली जाएगी.

2. वैरिएबल पे पर असर (Impact on Variable Pay)

कंपनी ने आपकी अटेंडेंस को सीधे आपकी वैरिएबल पे (Variable Pay/Performance Bonus) से जोड़ दिया है:

  • 85% से ज्यादा अटेंडेंस: पूरा वैरिएबल पे मिलेगा।
  • 60% – 85% अटेंडेंस: वैरिएबल पे में कटौती की जाएगी।
  • 60% से कम अटेंडेंस: कोई वैरिएबल पे नहीं मिलेगा (Zero Variable Pay).

4. ‘Work From Home’ की छुट्टियों में भी कटौती

सिर्फ ऑफिस आने के नियम ही सख्त नहीं हुए हैं, बल्कि घर से काम करने की सहूलियतें भी कम कर दी गई हैं। पहले विप्रो कर्मचारी साल भर में कुछ विशेष परिस्थितियों (जैसे बीमारी या देखभाल) के लिए “Temporary Remote Work” ले सकते थे।

पॉलिसी (Policy)पहले (Before 2026)अब (From Jan 1, 2026)
Work From Home Allowance15 दिन / वर्ष12 दिन / वर्ष
ReasonSelf-care / CaregivingSelf-care / Caregiving

इसका मतलब है कि अब आपके पास साल भर में “इमरजेंसी वर्क फ्रॉम होम” के लिए सिर्फ 12 दिन ही उपलब्ध होंगे। इसके अलावा आपको हर महीने ऑफिस आना ही होगा.


5. Wipro vs TCS vs Infosys: कौन है ज्यादा सख्त?

भारतीय आईटी सेक्टर में Wipro अकेली कंपनी नहीं है जिसने ऐसे नियम बनाए हैं। चलिए देखते हैं कि विप्रो की तुलना में TCS और Infosys का क्या हाल है।

TCS (Tata Consultancy Services)

TCS ने अपनी पॉलिसी में सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, TCS ने वैरिएबल पे को ऑफिस अटेंडेंस से पूरी तरह लिंक कर दिया है। हालांकि, TCS में आमतौर पर 9 घंटे ऑफिस में बिताने की उम्मीद की जाती है, लेकिन उनका सिस्टम तभी अलर्ट भेजता है जब कोई कर्मचारी 4 घंटे से कम समय ऑफिस में बिताता है.

Infosys

इन्फोसिस भी अपने कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम 3 दिन ऑफिस बुला रही है, लेकिन अभी तक “6 घंटे के अनिवार्य नियम” जैसी कोई खबर वहां से नहीं आई है। विप्रो का यह कदम इन्फोसिस से ज्यादा स्पष्ट और डेटा-ड्रिवन (Data-driven) है।


6. कर्मचारियों के लिए यह बदलाव क्यों मुश्किल है? (Challenges for Employees)

बेंगलुरु (Bengaluru) और पुणे (Pune) जैसे शहरों में जहां विप्रो के बड़े ऑफिस हैं, वहां ट्रैफिक जाम एक बहुत बड़ी समस्या है।

  • ट्रैफिक की समस्या: कर्मचारियों का कहना है कि अगर उन्हें सिर्फ 6 घंटे के लिए भी ऑफिस बुलाया जाता है, तो भी उन्हें आने-जाने में 3-4 घंटे ट्रैफिक में बिताने पड़ते हैं।
  • किराए का खर्च: जो कर्मचारी अपने होमटाउन (Hometown) से काम कर रहे थे, उन्हें अब वापस मेट्रो सिटीज में लौटना पड़ रहा है, जिससे उनका रहने और खाने का खर्च बढ़ जाएगा।
  • Work-Life Balance: “हाइब्रिड” सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन ऑफिस में 6 घंटे बिताने के बाद घर आकर दोबारा लॉग-इन करना कई बार थका देने वाला होता है।

हालांकि, कंपनी का तर्क है कि टीम बॉन्डिंग (Team Bonding) और प्रोजेक्ट डिलीवरी (Project Delivery) के लिए ऑफिस में मिलना जरूरी है।


7. Wipro Management का क्या कहना है?

विप्रो ने कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा है, “हमारा मानना है कि हाइब्रिड मॉडल ही भविष्य है। हम भरोसा करते हैं कि सभी कर्मचारी इस पॉलिसी का पालन ‘letter and spirit’ (पूरी ईमानदारी) से करेंगे। यह बदलाव टीमों के बीच सहयोग (Collaboration) बढ़ाने और साथ ही फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) देने के लिए किया गया है”.

विप्रो ने यह भी साफ किया है कि यह नियम कर्मचारियों को ऑफिस में बांधने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जब वे ऑफिस आएं, तो वास्तव में काम और मीटिंग्स हो सकें, न कि सिर्फ हाजिरी लगाकर चले जाएं।


8. आईटी सेक्टर का भविष्य: 2026 और उसके आगे

2026 की शुरुआत में विप्रो का यह कदम इशारा करता है कि “Full Remote Work” (पूरी तरह घर से काम) का दौर अब भारतीय सर्विस-बेस्ड आईटी कंपनियों (Service-based IT Companies) के लिए खत्म हो चुका है।

कंपनियां अब Return to Office (RTO) को गंभीरता से ले रही हैं।

  • Client Pressure: अमेरिका और यूरोप के क्लाइंट्स भी चाहते हैं कि डेटा सिक्योरिटी (Data Security) के लिए काम ऑफिस से हो।
  • Moonlighting: ऑफिस बुलाने का एक मकसद “मूनलाइटिंग” (एक साथ दो जगह काम करना) को रोकना भी है।

निष्कर्ष (Conclusion)

विप्रो की यह नई “6-Hour Hybrid Policy” एक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश है। यह न तो पूरी तरह से पुरानी “9-5 ऑफिस जॉब” है और न ही पूरी तरह “Work From Home”।

महत्वपूर्ण बातें याद रखें:

  1. सप्ताह में 3 दिन ऑफिस जाना अनिवार्य है।
  2. जिस दिन ऑफिस जाएं, कम से कम 6 घंटे वहां बिताएं।
  3. अपना पंच-इन (Punch-in) और पंच-आउट (Punch-out) समय ध्यान से नोट करें।
  4. बचा हुआ काम घर से पूरा करें।

कर्मचारियों के लिए यह बदलाव थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह स्पष्ट है कि 2026 में विप्रो अनुशासन (Discipline) और ऑफिस कल्चर (Office Culture) को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या मुझे रोज ऑफिस जाना होगा?
नहीं, आपको हफ्ते में कम से कम 3 दिन ऑफिस जाना है। बाकी 2 दिन आप घर से काम कर सकते हैं (मैनेजर की अनुमति पर)।

Q2: अगर मैं 6 घंटे से कम रुकता हूं तो क्या होगा?
अगर आप ऑफिस आते हैं लेकिन 6 घंटे से पहले निकल जाते हैं, तो आपके आधे दिन की छुट्टी (Half-day leave) काट ली जाएगी।

Q3: क्या कुल काम के घंटे कम हो गए हैं?
नहीं, आपको अभी भी दिन में कुल 9.5 घंटे काम करना है। 6 घंटे ऑफिस में और बाकी समय घर से या ऑफिस से, जैसा आप चाहें।

Q4: यह नियम कब से लागू है?
यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है।

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