
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 28 जनवरी 2026 को संसद के Budget Session के उद्घाटन अवसर पर संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए AI (Artificial Intelligence) और innovation को स्कूल स्तर से शुरू करने की महत्ता पर जोर दिया। उनका यह बयान न केवल शिक्षा नीति की दिशा बदलने वाला है, बल्कि Digital India और AI India Mission के लक्ष्य को भी एक नई ऊर्जा देगा।
1. राष्ट्रपति का मुख्य संदेश: AI और Innovation स्कूल से शुरू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आज की दुनिया में technology और innovation सिर्फ higher education या college level तक सीमित नहीं रह सकते। इन प्रणालियों को विद्यालय (schools) से ही शुरू करना जरूरी है ताकि बच्चों में future skills, logical thinking, और technology mindset विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भारत को future-ready nation बनाने का एक मजबूत tool है। इसके लिए बच्चे जब छोटी उम्र से इसके बारे में सीखेंगे, तभी हमारा देश global competition में आगे बढ़ सकता है।
2. स्कूल शिक्षा में AI और Computational Thinking का नया रोडमैप
👉 AI from Class 3: भारत सरकार ने ऐलान किया है कि 2026-27 academic year से AI और Computational Thinking को Class 3 से शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चे technology literacy को शुरुआती स्तर से ही सीखें।
👉 AI as a Universal Skill: अब AI सिर्फ किसी elective या optional विषय नहीं बल्कि universal skill माना जाएगा, उसी तरह जैसे हम basic math और science को सीखते हैं।
👉 Teacher Training: शिक्षक भी तैयार किए जा रहे हैं। सरकार ने NISHTHA training programmes के माध्यम से अध्यापकों को AI और tech training देना शुरू कर दिया है ताकि वे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें।
👉 Centers of Excellence: सरकारी प्रस्ताव में ₹500 करोड़ Centre of Excellence (CoE) in AI बनाने की योजना है, जो स्कूल शिक्षा और research के बीच की खाई को पाटेगा।
3. क्यों AI शिक्षा महत्वपूर्ण है?
आज दुनिया में AI हर sector में बदलाव ला रहा है — healthcare, agriculture, engineering, finance, transportation और entertainment तक। भारत जैसे विशाल देश में:
🔹 AI सीखने से रोज़गार (employment) के नए रास्ते बनेंगे।
🔹 बच्चों में Creative Thinking और Problem Solving Skills मजबूत होंगे।
🔹 देश में Digital Economy को तेजी मिलेगी।
🔹 India को Global Innovation Leader बनने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति ने भी कहा कि QS World Future Skills Index 2025 में भारत दुनिया में second place पर पहुंचा है, जो हमारी AI readiness को दर्शाता है।
4. Atal Tinkering Labs और Research Ecosystem का विस्तार
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि शिक्षा प्रणाली में innovation culture को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 10,000 से अधिक Atal Tinkering Labs स्थापित किए जा चुके हैं। ये Labs बच्चों को hands-on learning का environment देते हैं।
साथ ही National Research Foundation और Vigyan Dhara Yojana जैसी योजनाओं के तहत research और innovation को बल दिया जा रहा है, जिससे युवा researchers और innovators देश की growth में योगदान दे सकें।
5. राष्ट्रीय टेक नीति और भारत का AI Vision
राष्ट्रपति ने भारत की National Education Policy और India AI Mission का भी उल्लेख किया। इन पहलों का उद्देश्य है:
✔ AI-ready workforce तैयार करना
✔ डिजिटल India के लक्ष्यों को साकार करना
✔ Technology-based startups को प्रोत्साहन देना
✔ Quantum computing, biotech, cyber physical systems, machine learning इत्यादि में भारत को global front में लाना
6. Job और Skill Development के नए अवसर
राष्ट्रपति के संबोधन में यह बात भी सामने आई कि भारत में 1 करोड़ से ज्यादा startup हों, जो innovation और नए business models का हिस्सा हैं। इसके साथ ही:
📌 Internship programmes लाए जा रहे हैं जिससे youth को practical experience मिलेगा।
📌 Space sector के लिए ₹1000 करोड़ के venture capital fund की शुरुआत हुई है।
📌 AI में training को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे students और youth workforce दोनों का विकास होगा।
7. AI के ethical और misuse Challenges
राष्ट्रपति ने यह भी सचेत किया कि जहाँ AI के फायदे हैं, वहीं इसके misuse (जैसे Deepfake, misinformation) के खतरे भी हैं। इसलिए policymakers को साथ में AI Ethics और Responsible AI पर भी काम करना चाहिए।
8. Budget 2026-27 में Tech और Education से जुड़ी उम्मीदें
Budget Session के दौरान experts की अपेक्षा है कि:
🧠 EdTech में GST हटाने जैसे कदम
🧠 Digital learning tools को सस्ता बनाना
🧠 Startup और deep tech firms के लिए financial support
🧠 Semiconductor और clean energy sectors में नई पहलें
🧠 Esports और gaming industry को official recognition
इन सब पर जोर दिया जाएगा। (ये उम्मीदें वर्तमान Budget Session की चर्चा पर आधारित हैं)
9. राष्ट्रपति का व्यापक Vision: Viksit Bharat और Inclusive Growth
AI और tech की बात केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। राष्ट्रपति ने Viksit Bharat (Developed India), inclusive growth, social justice, और national security जैसे मुद्दों को भी संबोधन का हिस्सा बनाया। उनका emphasis रहा कि देश के सभी वर्गों को benefits मिलें और growth equitable हो।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह संबोधन भारत के तकनीकी और शिक्षा क्षेत्र में एक game-changer moment के रूप में देखा जा रहा है। AI और innovation को स्कूल स्तर से शुरू करने की घोषणा से अब नव-पीढ़ी के लिए नई शिक्षा दिशा, उच्च कौशल अवसर, और भविष्य-प्रमुख रोजगार का रास्ता और भी स्पष्ट होगा। यह पहल India को global technology leadership की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाएगी।







