पीएम किसान की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी होनी है। यह तारीख योजना के आधिकारिक X अकाउंट @pmkisanofficial की पोस्ट में बताई गई है। हर पात्र किसान परिवार को इस किस्त में ₹2,000 मिलेंगे, जो DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आएंगे। लेकिन e-KYC, Aadhaar-बैंक लिंक या ज़मीन का सत्यापन अधूरा हो, तो किस्त अटक सकती है।
इस लेख में आसान भाषा में बताया गया है कि स्टेटस कैसे देखें, e-KYC कैसे करें, पैसा न आए तो क्या करें और ठगी से कैसे बचें। जानकारी 24 अक्टूबर 2026 तक की है।
एक नज़र में
- कौन सी किस्त: 24वीं किस्त
- तारीख: 30 अक्टूबर 2026 (आधिकारिक X पोस्ट के अनुसार)। कार्यक्रम या स्थान की जानकारी अभी नहीं आई है।
- रकम: ₹2,000 प्रति पात्र परिवार। यह साल के ₹6,000 की एक किस्त है।
- ज़रूरी चीज़ें: e-KYC, Aadhaar से जुड़ा चालू बैंक खाता और ज़मीन का सही रिकॉर्ड
- सबसे पहले करें: pmkisan.gov.in पर जाकर Know Your Status में अपना स्टेटस देखें।
- हेल्पलाइन: 155261
- याद रखें: किसी को OTP न बताएं। सिर्फ़ आधिकारिक वेबसाइट इस्तेमाल करें।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है?
पीएम किसान यानी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि। यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसकी शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। इसमें पात्र किसान परिवार को हर साल ₹6,000 मिलते हैं। यह रकम ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में जाती है। बीच में किसी एजेंट की ज़रूरत नहीं है।
योजना के दिशानिर्देशों में साल को चार-चार महीने के तीन हिस्सों में बांटा गया है: अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर और दिसंबर से मार्च। हर हिस्से में एक किस्त आनी होती है। असली तारीख हर बार थोड़ी आगे-पीछे हो सकती है।
सरकारी जानकारी के अनुसार 23वीं किस्त के बाद योजना में अब तक ₹4.46 लाख करोड़ से ज़्यादा रकम बांटी जा चुकी है।
24वीं किस्त की तारीख और रकम
तारीख की घोषणा कैसे हुई?
योजना के आधिकारिक X अकाउंट @pmkisanofficial पर आई पोस्ट में लिखा है कि 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली है। किसानों से कहा गया है कि तारीख नोट कर लें। कई समाचार वेबसाइटों ने 23 और 24 अक्टूबर को यही तारीख छापी है।
इससे पहले, 13 अक्टूबर तक कुछ अखबार लिख रहे थे कि तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। यानी यह घोषणा हाल की है।
कितने पैसे मिलेंगे?
₹2,000। यह साल के ₹6,000 की एक किस्त है। एक बात साफ़ कर दें: जो पोस्ट हमें दिखी, उसमें रकम अलग से नहीं लिखी थी। ₹2,000 की रकम योजना के नियम से आती है।
अभी क्या पक्का नहीं है?
तीन बातों की आधिकारिक पुष्टि हमें अभी नहीं मिली:
- किस्त किसी कार्यक्रम से जारी होगी या नहीं, और कार्यक्रम कहां होगा।
- कुल कितने किसानों को पैसा मिलेगा।
- सरकारी प्रेस विज्ञप्ति (PIB)। पिछली बार 23वीं किस्त की प्रेस विज्ञप्ति 18 जून को आई थी और किस्त 20 जून को जारी हुई थी।
इसलिए 30 अक्टूबर से पहले PIB और पोर्टल पर नज़र रखें। तारीख बदली तो हम यह लेख अपडेट करेंगे।
पिछली किस्तों का रिकॉर्ड
| किस्त | तारीख | कहां से जारी | कुल रकम | किसान |
|---|---|---|---|---|
| 20वीं | 2 अगस्त 2025 | वाराणसी | ₹20,500 करोड़ | लगभग 9.7 करोड़ |
| 21वीं | 19 नवंबर 2025 | कोयंबटूर | लगभग ₹18,000 करोड़ | करीब 9 करोड़ |
| 22वीं | 13 मार्च 2026 | गुवाहाटी | ₹18,640 करोड़ से ज़्यादा | लगभग 9.32 करोड़ |
| 23वीं | 20 जून 2026 | तारकेश्वर, हुगली (पश्चिम बंगाल) | ₹18,880 करोड़ से ज़्यादा | 9.44 करोड़ से ज़्यादा |
| 24वीं | 30 अक्टूबर 2026 (घोषित) | अभी नहीं पता | अभी नहीं पता | अभी नहीं पता |
21वीं किस्त का एक हिस्सा 26 सितंबर 2025 को बाढ़ प्रभावित पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड के 27 लाख से ज़्यादा किसानों को पहले दिया गया था। सरकारी विज्ञप्तियों में कुल रकम बताई जाती है, हर किसान का हिसाब अलग से नहीं।
पात्रता: कौन पाएगा और कौन नहीं?
कौन पात्र है?
पात्र वह किसान परिवार है जिसके नाम राज्य के भूमि रिकॉर्ड में खेती की ज़मीन दर्ज है। योजना में परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। ज़मीन के रिकॉर्ड की जांच राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की सरकार करती है।
1 फरवरी 2019 की तारीख क्यों ज़रूरी है?
मूल दिशानिर्देशों में कट-ऑफ तारीख 1 फरवरी 2019 रखी गई है। पोर्टल के नोटिस में भी लिखा है कि कुछ मामलों की जांच चल रही है। जैसे, जिसने इस तारीख के बाद ज़मीन ली हो, या जिस परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य लाभ ले रहे हों। ऐसे मामलों में भौतिक सत्यापन पूरा होने तक पैसा रोका जा सकता है।
ये नियम मूल दिशानिर्देशों से हैं। बाद में कोई बदलाव हुआ हो, तो पोर्टल पर देखें।
कौन पात्र नहीं है?
- संस्थागत ज़मीन के मालिक
- संवैधानिक पद पर रहे या मौजूदा व्यक्ति
- मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के मेयर और ज़िला पंचायत अध्यक्ष (पूर्व या मौजूदा)
- केंद्र या राज्य सरकार के सेवारत या रिटायर अधिकारी और कर्मचारी। मल्टी टास्किंग स्टाफ, क्लास IV और ग्रुप D को छूट है।
- ₹10,000 या उससे ज़्यादा मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ड कर्मचारी (उसी छूट के साथ)
- जिसने पिछले आकलन वर्ष में इनकम टैक्स भरा हो
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, CA और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर, जो प्रैक्टिस कर रहे हों
- नए लाभार्थियों के लिए: NRI परिवार
खुद जांचने के पांच सवाल
- क्या खेती की ज़मीन आपके परिवार के नाम रिकॉर्ड में दर्ज है?
- क्या परिवार में कोई सरकारी नौकरी, ₹10,000 या ज़्यादा की पेंशन, या इनकम टैक्स वाला है?
- क्या ज़मीन 1 फरवरी 2019 के बाद आपके नाम हुई?
- क्या परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य यह लाभ ले रहे हैं?
- क्या आपने सारी जानकारी सच-सच दी है?
पहले और आख़िरी सवाल का जवाब हां हो, और बीच के तीन का आमतौर पर नहीं, तो आप सही रास्ते पर हैं। अंतिम फैसला राज्य सरकार के सत्यापन से होता है।
ध्यान दें: परिवार के किसी एक सदस्य के इन श्रेणियों में आने पर पूरा परिवार बाहर माना जाता है। गलत घोषणा करने पर मिली रकम वसूली जा सकती है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- Aadhaar कार्ड और Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर
- बैंक पासबुक (खाता नंबर और IFSC साफ़ दिखे)
- ज़मीन के कागज़ात या खतौनी/खसरा की जानकारी
- पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर, अगर मिला हो
e-KYC कैसे करें: तीन आसान तरीके
pmkisan.gov.in पर साफ़ लिखा है कि पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। अपने हिसाब से कोई एक तरीका चुनें।
तरीका 1: OTP से e-KYC
इसके लिए Aadhaar से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर चाहिए। यह पोर्टल और मोबाइल ऐप, दोनों पर हो सकता है।
- pmkisan.gov.in खोलें।
- ऊपर दाईं ओर e-KYC पर क्लिक करें।
- अपना Aadhaar नंबर डालकर सबमिट करें।
- मोबाइल पर आया OTP डालें और प्रक्रिया पूरी करें।
तरीका 2: बायोमेट्रिक e-KYC
यह नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या राज्य सेवा केंद्र पर होता है। साथ में Aadhaar कार्ड और Aadhaar से जुड़ा मोबाइल ले जाएं। ऑपरेटर अंगूठे या उंगली से सत्यापन कराएगा।
आधिकारिक नोट में शुल्क ₹15 बताया गया है। इससे ज़्यादा मांगे तो सावधान हो जाएं। अपना नज़दीकी CSC आप locator.csccloud.in पर खोज सकते हैं।
तरीका 3: चेहरा दिखाकर (फेस ऑथेंटिकेशन)
इसके लिए Play Store से दो ऐप चाहिए: PM-KISAN Mobile App और Aadhaar Face RD App।
- दोनों ऐप डाउनलोड करें।
- PM-KISAN ऐप में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- Beneficiary Status वाले पेज पर जाएं।
- अगर e-KYC के सामने No लिखा है, तो eKYC पर टैप करें।
- Aadhaar नंबर डालें और सहमति दें।
- कैमरे में चेहरा दिखाएं। स्कैन सफल होते ही e-KYC पूरी हो जाती है।
ध्यान रखें: किसी भी तरीके से e-KYC करें, उसका स्टेटस दिखने में 24 घंटे लग सकते हैं। इसलिए आख़िरी दिन तक न रुकें।
आपके लिए कौन सा तरीका सही है?
- OTP: स्मार्टफोन है और Aadhaar से जुड़ा मोबाइल चालू है, तो यह सबसे आसान है।
- फेस ऑथेंटिकेशन: फोन का कैमरा अच्छा है और आप ऐप चला लेते हैं, तो यह ठीक रहेगा।
- CSC पर बायोमेट्रिक: बुज़ुर्ग किसानों, या जिनके फोन पर OTP नहीं आता, उनके लिए बेहतर है। कभी-कभी उंगलियों के निशान साफ़ न आने से दिक्कत हो सकती है। तब दूसरा तरीका आज़माएं।
Aadhaar-बैंक लिंक और DBT
योजना के नियम के अनुसार पैसा Aadhaar से जुड़े डेटाबेस के आधार पर ही भेजा जाता है। इसलिए आपका बैंक खाता Aadhaar से जुड़ा होना चाहिए। DBT या NPCI मैपिंग भी चालू होनी चाहिए। यह सब बैंक शाखा में जाकर पूछा और ठीक कराया जा सकता है। पासबुक साथ ले जाएं।
पीएम किसान स्टेटस कैसे चेक करें?
- pmkisan.gov.in खोलें।
- Farmers Corner में Know Your Status चुनें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और captcha डालें।
- Get OTP दबाएं। मोबाइल पर आया OTP डालें।
- आपका रजिस्ट्रेशन और भुगतान का स्टेटस सामने आ जाएगा।
रजिस्ट्रेशन नंबर याद न हो, तो पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर जानने का विकल्प देखें। मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन से भी मदद ले सकते हैं।
स्टेटस में क्या देखें?
कई समाचार स्रोतों के अनुसार स्टेटस पेज पर तीन चीज़ें देखनी चाहिए: e-KYC, ज़मीन का सत्यापन (land seeding) और Aadhaar से जुड़े बैंक खाते की स्थिति। तीनों के सामने Yes दिखे तो अच्छी बात है। कहीं No हो, तो उसे ठीक कराना पहला काम है। पेज पर शब्द थोड़े अलग भी हो सकते हैं।
स्टेटस देखने के और तरीके
पोर्टल का Kisan eMitra चैटबॉट, PM-KISAN मोबाइल ऐप, CSC और हेल्पलाइन 155261 भी काम आते हैं।
लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में नाम कैसे देखें?
गांव की पूरी सूची में अपना नाम देखना भी अच्छा तरीका है।
- pmkisan.gov.in पर Farmers Corner खोलें।
- Beneficiary List चुनें।
- अपना राज्य, ज़िला, तहसील, ब्लॉक और गांव चुनें।
- रिपोर्ट दबाएं। गांव के लाभार्थियों की सूची खुल जाएगी।
नाम न मिले तो घबराएं नहीं। पहले स्टेटस देखें। फिर पंचायत सचिव या ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें।
किस्त न आने के कारण और समाधान
| समस्या | कारण | क्या करें |
|---|---|---|
| e-KYC में No | e-KYC पूरी नहीं हुई | OTP, CSC या फेस ऑथेंटिकेशन से करें। 24 घंटे बाद स्टेटस देखें। |
| OTP नहीं आता | Aadhaar से मोबाइल नंबर जुड़ा नहीं है | आधार केंद्र पर नंबर जुड़वाएं। तब तक CSC पर बायोमेट्रिक करें। |
| बैंक सीडिंग/DBT में No | खाता Aadhaar से जुड़ा नहीं है या DBT चालू नहीं है | बैंक शाखा में आवेदन दें और मैपिंग चालू कराएं। |
| नाम का मेल नहीं | Aadhaar, बैंक और पीएम किसान रिकॉर्ड में नाम या स्पेलिंग अलग है | जहां गलती है वहां सुधार कराएं। पंचायत सचिव या कृषि कार्यालय से मदद लें। |
| गलत खाता | खाता नंबर या IFSC गलत है, या खाता बंद है | सही बैंक विवरण दें। चालू खाता लिंक कराएं। |
| ज़मीन का सत्यापन बाकी | भूमि रिकॉर्ड पोर्टल से मेल नहीं खाता | तहसील या ब्लॉक कृषि कार्यालय में रिकॉर्ड ठीक कराएं। |
| जांच के कारण रुका | 2019 के बाद ज़मीन ली हो, या परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य लाभ ले रहे हों | भौतिक सत्यापन में सहयोग करें। कागज़ात तैयार रखें। |
| पात्रता श्रेणी से बाहर | परिवार का सदस्य टैक्स भरता है या सरकारी सेवा में है | नियम देखें। गलती से बाहर हुए हैं तो शिकायत दर्ज करें। |
| Farmer ID | कुछ राज्य किसान रजिस्ट्री (Farmer ID) मांग रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य होने की सरकारी सूचना हमें नहीं मिली। | अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें। |
इन सबके बाद भी हल न निकले तो हेल्पलाइन 155261 पर बात करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
किस्त आने से पहले का 5 मिनट का चेकलिस्ट
30 अक्टूबर से पहले फोन हाथ में लेकर ये पांच काम कर लें।
- पहला मिनट: pmkisan.gov.in पर Know Your Status देखें। कहीं No हो तो नोट कर लें।
- दूसरा मिनट: e-KYC में No है तो OTP या फेस ऑथेंटिकेशन शुरू करें।
- तीसरा मिनट: बैंक पासबुक खोलें। नाम, खाता नंबर और IFSC का मिलान करें।
- चौथा मिनट: देखें कि Aadhaar से जुड़ा मोबाइल आपके पास है और चालू है।
- पांचवां मिनट: ज़मीन या सत्यापन में दिक्कत दिखे तो पंचायत सचिव या कृषि कार्यालय का नंबर लिख लें।
किसान अक्सर कौन सी गलतियां करते हैं?
- किस्त की तारीख आने पर ही स्टेटस देखना। पहले देखना बेहतर है।
- e-KYC करके 24 घंटे बाद भी स्टेटस न जांचना।
- बैंक खाता बदलकर पोर्टल पर नया खाता न देना।
- Aadhaar में एक नाम और बैंक में दूसरा नाम होना।
- पुराने बंद खाते पर भरोसा रखना।
- WhatsApp पर आई फर्ज़ी APK या लिंक खोल देना।
- हेल्पलाइन के नाम पर किसी अनजान नंबर को OTP बता देना।
किस्त जारी होने के बाद क्या करें?
जारी होने का मतलब यह नहीं कि उसी पल हर खाते में पैसा दिख जाएगा। बैंक में रकम दिखने में कुछ समय लग सकता है। इसकी कोई तय समय-सीमा हमें आधिकारिक रूप से नहीं मिली। इसलिए पहले दिन घबराएं नहीं।
- बैंक का SMS देखें।
- बैंक ऐप खोलें या पासबुक में एंट्री कराएं।
- pmkisan.gov.in पर स्टेटस देखें। भुगतान की स्थिति वहां भी दिखती है।
- कुछ दिन बाद भी पैसा न दिखे, तो स्टेटस का स्क्रीनशॉट रखें। ऊपर की तालिका से कारण खोजें। फिर शिकायत दर्ज करें।
घर के युवाओं के लिए सलाह
आप किसान के बेटे, बेटी या पोते हैं, तो यह लेख बुज़ुर्गों तक पहुंचाएं। एक दिन बैठकर उनका स्टेटस देखें। उनका फोन, Aadhaar और पासबुक एक जगह रखें। OTP आए तो किसान की मौजूदगी में खुद डालें। किसी तीसरे व्यक्ति को न बताएं। e-KYC के लिए साथ CSC जाएं और ₹15 से ज़्यादा शुल्क न दें।
हेल्पलाइन नंबर
PIB की 2023 की एक विज्ञप्ति के अनुसार 155261 एक 24 घंटे चलने वाली IVRS हेल्पलाइन है। इस पर लाभार्थी स्टेटस पता कर सकते हैं।
इसके अलावा 1800115526, 011-23381092 और ईमेल [email protected] मीडिया रिपोर्ट में मिलते हैं। हम इन्हें आधिकारिक साइट पर देखकर पक्का नहीं कर पाए। इस्तेमाल से पहले पोर्टल के Contact Us पेज पर मिलान कर लें। पोर्टल की Farmers Corner में Help Desk भी है।
ठगी से सावधान: OTP कभी न बताएं
किस्त के दिनों में ठग सक्रिय हो जाते हैं। वे फोन, SMS और WhatsApp से जाल बिछाते हैं।
- कोई भी OTP, ATM पिन या बैंक का पासवर्ड किसी को न बताएं। सरकारी कर्मचारी भी ये नहीं मांगते।
- सिर्फ़ pmkisan.gov.in या आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करें। नाम मिलती-जुलती वेबसाइट से बचें।
- WhatsApp पर आई APK फ़ाइल या अनजान लिंक न खोलें।
- “किस्त जारी कराने” या “नाम जुड़वाने” के बदले पैसे मांगने वाले को पैसा न दें।
- ठगी हो जाए तो तुरंत बैंक को बताएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
पीएम किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?
योजना के आधिकारिक X अकाउंट के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 को जारी होनी है। कार्यक्रम की जानकारी अभी नहीं आई है। पोर्टल और PIB पर नज़र रखें।
24वीं किस्त में कितने रुपये मिलेंगे?
योजना के नियम के अनुसार हर पात्र परिवार को ₹2,000 मिलते हैं। साल में तीन किस्तों में कुल ₹6,000 मिलते हैं।
क्या e-KYC ज़रूरी है?
हां। पीएम किसान पोर्टल पर लिखा है कि पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है।
e-KYC कैसे करें?
तीन तरीके हैं। पोर्टल या ऐप पर OTP से, CSC पर बायोमेट्रिक से, या PM-KISAN ऐप और Aadhaar Face RD ऐप से चेहरा दिखाकर। स्टेटस दिखने में 24 घंटे लग सकते हैं।
किस्त का पैसा न आए तो क्या करें?
पहले Know Your Status देखें। e-KYC, ज़मीन का सत्यापन और Aadhaar से जुड़ा बैंक खाता जांचें। जहां No दिखे, उसे ठीक कराएं। फिर भी हल न निकले तो हेल्पलाइन 155261 पर बात करें।
पीएम किसान स्टेटस कैसे चेक करें?
pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में Know Your Status चुनें। रजिस्ट्रेशन नंबर और captcha डालें। Get OTP दबाकर OTP डालें। स्टेटस सामने आ जाएगा।
क्या पीएम किसान के लिए Farmer ID ज़रूरी है?
राष्ट्रीय स्तर पर इसके अनिवार्य होने की सरकारी अधिसूचना हमें नहीं मिली। आंध्र प्रदेश के कृषि विभाग के अनुसार केंद्र के मसौदा दिशानिर्देशों में इसे अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछ लें।
पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर क्या है?
PIB की 2023 की विज्ञप्ति के अनुसार 155261 एक 24 घंटे की IVRS हेल्पलाइन है। दूसरे नंबरों को इस्तेमाल से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जांच लें।
क्या एक परिवार के दो लोगों को पैसा मिलेगा?
नहीं। योजना परिवार के हिसाब से है। परिवार यानी पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। एक से ज़्यादा सदस्य लाभ ले रहे हों तो पोर्टल के अनुसार जांच हो सकती है।
अगर कोई फोन करके OTP मांगे तो क्या करें?
OTP बिल्कुल न बताएं। फोन काट दें। ठगी हो जाए तो बैंक को बताएं और 1930 पर शिकायत करें।
निष्कर्ष
24वीं किस्त की घोषित तारीख 30 अक्टूबर 2026 है। ₹2,000 पाने के लिए e-KYC, Aadhaar-बैंक लिंक और ज़मीन का सत्यापन पूरा रखें। आज ही अपना स्टेटस देखें और किसी को OTP न दें। अगली खबर आते ही हम इस पेज को अपडेट करेंगे।








