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FSSAI ने सबस्टैंडर्ड अंडों की बिक्री के आरोपों पर Blinkit से मांगा स्पष्टीकरण: जानिए क्या है पूरा मामला

FSSAI seeks clarification from Blinkit over allegations of substandard eggs
FSSAI seeks clarification from Blinkit over allegations of substandard eggs

आज के डिजिटल युग में, जहाँ हमें सुई से लेकर राशन तक सब कुछ मिनटों में घर बैठे मिल जाता है, वहाँ ‘Quick-Commerce’ (क्विक-कॉमर्स) हमारी लाइफलाइन बन चुका है। 10 से 20 मिनट के अंदर ताजी सब्जियां, दूध और अंडे डिलीवर करने का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म्स ने हमारी लाइफ को बेहद आसान बना दिया है। लेकिन क्या हो जब आपके घर मिनटों में डिलीवर होने वाले इन फूड प्रोडक्ट्स की क्वालिटी ही खराब हो? कुछ ऐसा ही गंभीर मामला हाल ही में भारत के प्रमुख क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit (ब्लिंकिट) के साथ सामने आया है।

भारत की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था, FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने ब्लिंकिट को एक लीगल नोटिस जारी कर ‘Substandard Eggs’ (घटिया स्तर के अंडों) की बिक्री के आरोपों पर स्पष्टीकरण (Clarification) मांगा है। सोशल मीडिया पर ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों के बाद FSSAI ने इस मामले का स्वतः संज्ञान (Suo-moto Cognizance) लिया है।

इस विस्तृत लेख में हम इस पूरे विवाद (Blinkit Poor Quality Eggs Row) पर गहराई से चर्चा करेंगे, यह जानेंगे कि FSSAI ने क्या कदम उठाए हैं, ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए क्या नियम हैं, और एक जागरूक उपभोक्ता होने के नाते आप अंडों की शुद्धता की जांच कैसे कर सकते हैं।


1. क्या है पूरा मामला? (What is Blinkit Poor Quality Eggs Controversy?)

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया (जैसे X, इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर कई उपभोक्ताओं ने ब्लिंकिट ऐप से मंगाए गए अंडों को लेकर भारी नाराजगी व्यक्त की थी। ग्राहकों का आरोप था कि ब्लिंकिट द्वारा डिलीवर किए जा रहे अंडे न केवल अंदर से सड़े हुए हैं, बल्कि उनकी बनावट भी बेहद अजीब है।

  • खराब गंध और अजीब बनावट (Foul Smell and Rubbery Texture): ग्राहकों ने शिकायत की कि जब उन्होंने अंडों को तोड़ा या उबाला, तो उनमें से असहनीय बदबू (Bad Odour) आ रही थी। इसके अलावा, पकाने के बाद अंडों का टेक्सचर सामान्य न होकर ‘रबर’ (Rubbery) जैसा या ‘प्लास्टिक’ (Plastic-like characteristics) जैसा महसूस हो रहा था।
  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो (Viral Consumer Complaints): इस विवाद को तब और हवा मिली जब कुछ इन्फ्लुएंसर्स और आम ग्राहकों ने इन खराब अंडों के वीडियो बनाकर ऑनलाइन पोस्ट कर दिए। एक वायरल वीडियो में तो अंडा तोड़ने पर उसके अंदर से काले रंग का लिक्विड (Black Liquid) निकलता हुआ दिखाई दिया। उपभोक्ताओं का कहना था कि यह सीधे तौर पर इंसानी सेहत के साथ खिलवाड़ है (Unfit for human consumption)।

2. FSSAI का एक्शन और ब्लिंकिट को नोटिस (FSSAI Cracks Whip: 7-Day Deadline for ATR)

जब सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई, तो Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने बिना किसी देरी के इस मामले में हस्तक्षेप किया। नियामक संस्था ने M/S Blink Commerce Private Limited (ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी) को एक आधिकारिक नोटिस भेजा है।

  • 7 दिनों का कड़ा अल्टीमेटम: FSSAI ने ब्लिंकिट को नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर एक व्यापक Action Taken Report (ATR) यानी ‘की गई कार्रवाई की रिपोर्ट’ सौंपने का निर्देश दिया है।
  • कम्प्लायंस रिपोर्ट की मांग: इस रिपोर्ट में ब्लिंकिट को यह स्पष्ट करना होगा कि वे एक ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर (E-commerce FBO) होने के नाते अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभा रहे हैं।
  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: FSSAI ने साफ कहा है कि यदि ब्लिंकिट निर्धारित 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब या कम्प्लायंस रिपोर्ट सबमिट करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 (FSS Act 2006) के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

3. ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए FSSAI की गाइडलाइंस (FSSAI Rules & Regulations for Online Grocery Platforms)

अक्सर ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स यह कहकर बच निकलते हैं कि वे केवल एक ‘मिडिलमैन’ (Middleman) या एग्रीगेटर हैं और प्रोडक्ट की क्वालिटी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं। लेकिन FSSAI ने अपने नियमों में यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि ऑनलाइन राशन बेचने वाली कंपनियों की जवाबदेही भी उतनी ही है जितनी एक ऑफलाइन दुकानदार की।

FSSAI की गाइडलाइंस और एडवाइजरी के अनुसार:

  • सप्लायर और सेलर वेरिफिकेशन (Seller Verification Process): कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी वेबसाइट या ऐप पर किसी भी ऐसे फूड सेलर या वेंडर को लिस्ट नहीं कर सकता जिसके पास वैध FSSAI License या रजिस्ट्रेशन न हो।
  • क्वालिटी कंट्रोल और स्टोरेज (Quality Control Measures & Storage Condition): ऑनलाइन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके डार्क स्टोर्स (Dark Stores) या वेयरहाउस में फूड प्रोडक्ट्स को सुरक्षित और स्वच्छ परिस्थितियों में रखा जाए। तापमान और ह्यूमिडिटी (Temperature and Humidity) का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए, विशेषकर अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे जल्दी खराब होने वाले सामानों के लिए।
  • लेबलिंग नियम (Labelling and Display Regulations, 2020): ऐप पर दिखने वाली प्रोडक्ट की जानकारी और फिजिकल पैकेट पर दी गई जानकारी बिल्कुल समान होनी चाहिए। किसी भी तरह का भ्रामक दावा (Misleading Claim) दंडनीय है।

4. क्विक-कॉमर्स का ‘स्पीड’ मॉडल और क्वालिटी कंट्रोल की चुनौतियां (Quick-Commerce vs Food Quality Standards)

ब्लिंकिट (जो पहले ग्रोफर्स के नाम से जाना जाता था और अब Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal के अंतर्गत आता है) भारत में 10 से 20 मिनट के भीतर डिलीवरी करने के लिए मशहूर है। लेकिन इस विवाद ने ‘क्विक-कॉमर्स’ (q-commerce) के बिजनेस मॉडल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • स्पीड के चक्कर में क्वालिटी से समझौता? 10 मिनट में डिलीवरी का प्रेशर होने के कारण अक्सर डार्क स्टोर्स में सामानों की ठीक से जांच (Quality Checks) नहीं हो पाती।
  • सप्लाई चेन में कमियां: अंडे जैसे नाजुक और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को खेत से लेकर कस्टमर के घर तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत ‘Cold Chain’ या वेंटिलेटेड वियरहाउसिंग की जरूरत होती है। भारत की भीषण गर्मी में यदि अंडों को अत्यधिक तापमान में रखा जाए, तो वे बहुत जल्दी सड़ जाते हैं और उनका टेक्सचर खराब हो जाता है।

5. अंडों की शेल्फ लाइफ और FSSAI की स्टोरेज टिप्स (Safe Egg Storage Tips by FSSAI)

इस विवाद के बीच FSSAI ने उपभोक्ताओं और दुकानदारों के लिए अंडों को सुरक्षित रखने और उनकी ताजगी बनाए रखने के संबंध में कुछ बेहद महत्वपूर्ण टिप्स और जानकारियां भी साझा की हैं:

  • कमरे के तापमान पर शेल्फ लाइफ: FSSAI के अनुसार, यदि अंडों को सामान्य कमरे के तापमान (लगभग 28±2°C) पर रखा जाए, तो वे लेइंग (अंडा देने) के बाद 10 से 12 दिनों तक ठीक रह सकते हैं। लेकिन अगर तापमान इससे ज्यादा हो, तो वे बहुत तेजी से खराब होते हैं।
  • रेफ्रिजरेटर का सही इस्तेमाल: अंडों को हमेशा फ्रिज के अंदर दी गई समर्पित एग ट्रे (Refrigerator Egg Trays) में ही स्टोर करना चाहिए। इससे उनका मॉइस्चर और क्वालिटी लंबे समय तक बरकरार रहती है।
  • दुकान से खरीदते वक्त ध्यान दें: हमेशा ऐसे वेंडर्स या स्टोर्स से अंडे खरीदें जो अच्छी तरह हवादार (Properly Ventilated Covered Spaces) हों और जहाँ अंडों को सीधी धूप या अत्यधिक गर्मी से बचाकर रखा गया हो।

6. घर पर कैसे करें अंडों की शुद्धता की जांच? (How to Check Egg Freshness Easily at Home?)

यदि आपने भी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अंडे खरीदे हैं और आपको उनकी क्वालिटी को लेकर कोई संदेह है, तो आप घर पर ही कुछ बेहद आसान टेस्ट (Simple Home Tests) के जरिए उनकी ताजगी और शुद्धता की जांच कर सकते हैं:

A. वॉटर टेस्ट (The Water Float Test)

यह अंडों की ताजगी जांचने का सबसे पुराना और सटीक तरीका है।

  • एक गहरे बर्तन या ग्लास में ठंडा पानी भरें।
  • अंडे को धीरे से पानी में डालें।
  • नतीजा: अगर अंडा तली में बैठ जाता है और आड़ा (Horizontally) रहता है, तो वह पूरी तरह ताजा है। अगर अंडा तली पर तो रहता है लेकिन खड़ा (Vertically) हो जाता है, तो वह थोड़ा पुराना है लेकिन खाने योग्य है। लेकिन, अगर अंडा पानी की सतह पर तैरने (Float) लगे, तो समझ जाएं कि वह सड़ चुका है और उसे तुरंत फेंक दें।

B. स्निफ टेस्ट या सूंघना (The Sniff Test)

खराब अंडे की सबसे बड़ी पहचान उसकी बदबू होती है। चाहे अंडा कच्चा हो या उबला हुआ, अगर उसे तोड़ने पर उसमें से तीखी या सड़ी हुई गंध (Foul Odour / Bad Smell) आए, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।

C. विजुअल इंस्पेक्शन (Visual Inspection)

अंडा खरीदने के बाद उसके छिलके (Shell) को ध्यान से देखें। छिलके पर कोई दरार (Crack), पाउडर जैसी परत या फंगस नहीं होनी चाहिए। अंडा तोड़ने पर यदि उसकी जर्दी (Yolk) और सफेदी (White) आपस में पूरी तरह मिक्स और पतली पानी जैसी दिखती है, या उसका रंग अजीब (जैसे गुलाबी या काला) है, तो वह खराब हो चुका है।


7. सेहत के लिए क्यों जरूरी है सही क्वालिटी के अंडे? (Health Benefits of Consuming Fresh Eggs Daily)

अंडे को हमारे खान-पान में एक ‘सुपरफूड’ (Superfood) का दर्जा प्राप्त है। प्रोटीन का पावरहाउस होने के कारण डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट इसे रोज खाने की सलाह देते हैं। लेकिन यह फायदे तभी मिलते हैं जब अंडे उच्च गुणवत्ता (Authentic Product Quality) के हों।

  • पोषण का खजाना: एक सामान्य आकार के अंडे से शरीर को लगभग 75-76 कैलोरी, 6-7 ग्राम हाई-क्वालिटी प्रोटीन, और कई जरूरी विटामिंस व मिनरल्स मिलते हैं।
  • बच्चों के विकास के लिए उत्तम: यह बच्चों की मांसपेशियों के विकास (Muscle Growth) और इम्युनिटी (Immunity) को मजबूत करने के लिए बेहतरीन माना जाता है। एक toddler (छोटे बच्चे) की दैनिक प्रोटीन आवश्यकता का आधा हिस्सा सिर्फ एक अंडे से पूरा हो सकता है।
  • सड़े हुए अंडे खाने के नुकसान: यदि गलती से भी सबस्टैंडर्ड या सड़े हुए अंडों का सेवन कर लिया जाए, तो यह Salmonella (साल्मोनेला) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया के कारण गंभीर Food Poisoning (फूड पॉइजनिंग), उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन और तेज बुखार का कारण बन सकता है।

8. निष्कर्ष: उपभोक्ताओं की सतर्कता और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही

ब्लिंकिट पुअर क्वालिटी एग्स विवाद (Blinkit Poor Quality Eggs controversy) ने देश में तेजी से बढ़ रहे क्विक-कॉमर्स सेक्टर के सामने एक बड़ा आईना रखा है। उपभोक्ताओं के लिए सुविधा (Convenience) बेशक जरूरी है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर सेहत और सुरक्षा (Safety and Freshness) से बढ़कर नहीं हो सकती।

FSSAI द्वारा ब्लिंकिट को नोटिस भेजा जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को देश के खाद्य सुरक्षा कानूनों (Food Quality Regulations) का सख्ती से पालन करना ही होगा। इस घटना के बाद अब ब्लिंकिट, ज़ोमैटो, इंस्टामार्ट और ज़ेप्टो जैसे अन्य बड़े प्लेयर्स पर भी अपने क्वालिटी चेक और वेंडर वेरिफिकेशन को मजबूत करने का भारी दबाव होगा।

एक जिम्मेदार ग्राहक के रूप में, यदि आपको भी किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खराब क्वालिटी का खाद्य पदार्थ मिलता है, तो केवल रिफंड लेकर चुप न बैठें। सोशल मीडिया पर आवाज उठाने के साथ-साथ FSSAI के ऑफिशियल कंज्यूमर पोर्टल (Food Safety Connect app) पर इसकी शिकायत जरूर दर्ज कराएं, क्योंकि आपकी सतर्कता ही सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकती है।

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